अंजुमन बचाओ मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। जहां अंजुमन इस्लामिया रांची का चुनाव वक्त पर कराने और अंजुमन के कार्यक्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने की मांग की गयी। इसकी अगुवाई लेखक सह समाजसेवी रमजान कुरैशी ने की।
उन्होंने कहा कि अंजुमन इस्लामिया रांची के मौजूदा कार्यसमिति का कार्यकाल 30 अगस्त 2025 को पूरा हो रहा है। लेकिन अंजुमन इस्लामिया रांची के बायलॉज के मुताबिक वर्तमान कार्यसमिति ने इलेक्शन कंनवेनर का अबतक चयन नहीं कर सकी हैं। इस पूरी कार्यशैली को देखते हुये लगता है कि मौजूदा कार्यसमिति समय पर अंजुमन इस्लामिया रांची का चुनाव कराने की मंशा नहीं रखती है। दरअसल अंजुमन इस्लामिया रांची का कार्यक्षेत्र (दायरा) बड़ा होने की वजह से वोटर लिस्ट और मतदान संपन्न कराने में लंबा समय लगता है। ऐसे स्थिती में अबतक इलेक्शन कंनवेनर का इंतेखाब नहीं करना अंजुमन इस्लामिया के बायलॉज का उल्लंघन करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि मालूम हो कि अंजुमन इस्लामिया रांची के बायलॉज में दायरा को लेकर साफ तौर पर लिखा है। जिसमें जिक्र है कि रांची जिला के किसी भी जगह की अंजुमन, वहां की मुस्लिम आबादी की राय से इसमें शामिल हो सकती हैं। वर्तमान समय में नयासराय, धुर्वा, हटिया, कांके और बरियातु के आसपास के इलाके का दायरा काफी बढ़ा हैं। धुर्वा इलाके में हज्जाम से लेकर डुंडीगढ़ा और सिलादोन के गांव आते हैं। जबकि नयासराय के सपारोम से लेकर नगड़ी के गांव दायरे में आयेंगे। इसी तरह कांके के होसिर, होचर, बाढ़ु, चंदवे और उलिहातु, पीरूटोला और बरियातु के आसपास केदल, बीआईटी, इरबा, ओयना, विकास और ओरमांझी तक के गांव भी दायरे में आते हैं। इसके अलावा रातु, कांठीटांड, सिमरिया भी इसी दायरे में आते हैं। उन्होंने मांग करते हुये कहा कि वक्फ बोर्ड अंजुमन इस्लामिया रांची के बायलॉज के मुताबिक वक्त पर चुनाव और दायरे को भी बढ़ाये तकि ग्रामीण इलाको के लोगों को इसमें जरूरी नुमाइंदगी मिल सके।
प्रतिनिधमंडल में शामिल सदस्यों ने मांग करते हुये कहा कि अंजुमन इस्लामिया रांची का कार्यक्षेत्र अथवा दायरा को वक्फ बोर्ड के माध्यम से बायलॉज के मुताबिक बढ़ाया जाये। समय के साथ पिछले 35-40 वर्षों में राजधानी रांची के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कई भौगोलिक बदलाव हुये हैं। इसके साथ ही आबादियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इसलिए वक्त के साथ ग्रामीण इलाकों को भी इस दायरा में जोड़ा जाये। रांची और डोरंडा म्युनिसिपल क्षेत्र का दायरा बढ़कर कुल 53 वार्ड हो गये हैं। इसके मद्देनजर चुनाव से पूर्व रांची जिला के ग्रामीण इलाकों को भी नुमाइंदगी प्रदान करते हुये उन्हें वोटिंग का अधिकार दिया जाये। चूंकि अंजुमन इस्लामिया रांची का मकसद ही वंचित और पासमांदा को मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रतिनिधिमंडल में हाजी मजहर, रमजान कुरैशी, मास्टर सिद्दीक, शमीम अख्तर, मोख्तार अंसारी, मो शकील अंसारी, अधिवक्ता नसर इमाम सहित कई लोग शामिल थे।