रात के अंधेरे में जब शहरवासी ठंड से अपने घरों में दुबके हों ऐसी परिस्थिति में असहायों की बीच उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री पहुंचे। उनकी समस्या को जाना और ठंड से बचने के लिए कंबल वितरण किया। देर रात अचानक अल्बर्ट एक्का चौक पर एकाएक लाल बतियों वाली गाड़ियों को देख सड़क किनारे गुजर बसर कर रहे जरूरतमंद लोग सहम गये। दरअसल उन्हें लगा कि इस ठंड में आधी रात को प्रशासन हटाने आयी हैं।
जिसके बाद उपायुक्त गाड़ी से उतरकर उनके पास गये और समस्या को जाना व समझा। रैन बसेरा समेत अन्य को लेकर मौजूद अधिकारियों को आदेश भी दिये। अमूमन इन लोगों के बीच इस तरह की घटना नहीं होती हैं। जब ठंड में आधी रात को उपायुक्त शहर का खुद भ्रमण करते हुये जरुरतमंदों के बीच पहुंचते हैं।
इनता ही नहीं उपायुक्त ने इन लोगों से वन टू वन बेसिस पर बातें भी की। इस घटना से ये लोग हैरान तो थे ही, लेकिन उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री का यह मानवीय कदम देख जरुरतमंद के चेहरे पर एक खुशी और संतोष भी था। जब उपायुक्त का यह मानवीय प्रयास लोगों के बीच आया तो उनकी हर तरफ तारीफ हो रही हैं।
इस पूरी घटना से लोगों के बीच एक मैसेज गया, उपायुक्त का केवल एसी कमरे में बैठक कर काम करना नहीं होता बल्कि आधी रातों में सड़कों पर भी उतरना होता हैं। इस दौरान रात्रि में गुजर बसर कर रहे जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण करते हुये उपायुक्त का काफिला मेन रोड़ स्थित काली मंदिर चौक, डेली मार्केट, दुर्गा मंदिर रोड़ होते हुये अपने सरकारी आवास के लिए निकल गया। बता दें कि 22 जनवरी 2025 की रात रांची शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर जरूरतमंदों के बीच प्रशासन की ओर से कंबल वितरण की गयी हैं।