रांची पुलिस ने गैंगस्टर सुजीत सिन्हा गिरोह के दो गुर्गों को धर दबोचा हैं। गिरफ्तार दोनों अपराधी पिछले साल ओरमांझी में गोलीकांड के आरोपी हैं। जिन्हें रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। जहां इनका पहचान विक्की वर्मा उर्फ सशांक उर्फ डेविल कचहरी रोड़ और आयुष राज उर्फ छोटू रातू रोड़ के रहने वाले के रुप में हुई हैं। इन दोनों अपराधियों पर रांची और आसपास के क्षेत्रों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सुजीत सिन्हा गैंग के दो अपराधी को गिरफ्तार किया है।
वहीं, सिल्ली डीएसपी अनुज उरांव, ओरमांझी थानेदार इंस्पेक्टर अनिल कुमार तिवारी, एसआई रंजीत कुमार महतो, सतीश कुमार, नितीश कुमार और सिपाही रघुवंश यादव समेत टीम में शामिल अन्य सदस्यों ने इन दोनों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई हैं।
ग्रामीण एमपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि रांची की ओरमांझी पुलिस ने विक्की उर्फ डविल को 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ के रायपुर और 18 जनवरी को आयुष राज को विकास गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार किया गया हैं। इनके पास से एक टैब, दो मोबाइल फोन, एक पैकेट डायरी और एक बैग बरामद किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि ओरमांझी थाना क्षेत्र के फटाही प्लॉट पर 22 नवंबर 2024 को बिल्डर के साइट पर हमला करने के मामले में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के रिश्तेदार डेविल समेत अन्य को गिरफ्तार किया गया हैं। प्लॉट पर संजीव जायसवाल अपने सहयोगी जावेद अंसारी और आजाद अंसारी के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो अपराधियों ने फायरिंग कर दी थी। इस घटना में जावेद और आजाद को गोली लगी थी। जहां दोनों बुरी तरह से घायल हो गये थे। जिसके बाद ओरमांझी थाना में संजीव जायसवाल प्राथमिकी दर्ज करायी थी।
प्राथमिकी में उन्होंने इस बार का जिक्र किया था कि कुख्यात सुजीत सिन्हा के गुर्गे लगातार रंगदारी की डिमांड कर रहे हैं। रंगदारी नहीं देने पर अंजाम भुगतने की घमकी दी गयी हैं। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुये एसआईटी टीम गठित की गयी थी। जहां केस को सुलझाने के लिए टेक्निकल सेल की मदद ली गयी। इस दौरान जांच के क्रम में सुजीत सिन्हा के गुर्गों का नाम सामने आया था। जिसके बाद इस कांड के मद्देनजर एसआईटी ने सबसे पहले जिशान शेख उर्फ रिक्की खान को गिरफ्तारी किया गया था। जिसको पुलिस ने पहले ही जेल भेज दिया हैं।
रिक्की खान की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में एसआईटी को कई अहम जानकारियां मिली थी। इन्हीं जानकारियों के आधार पर जांच के दायरे को आगे बढ़ाया गया। जिसके तहत विक्की वर्मा और आयुष राज को गिरफ्तार कर लिया गया हैं। गिरफ्तार आरोपी के संपत्ति की जांच की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया को पूरी करने के बाद अपराध के पैसे से हासिल संपत्ति को जल्द ही जब्त करने की कार्रवाई की जारी रही हैं। बता दें कि लगभग एक साल के बाद इस गोलीबारी कांड के मुख्य दो अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सका हैं। वहीं, सिन्हा गिरोह के अन्य लोगों की गिरफ्तार के लिए रांची पुलिस लगातार छामेपारी कर रही हैं। जल्द ही इस मामले समेत अन्य में और भी अपराधियों की गिफ्तारी संभव हैं।