जेएसएससी सीजीएल 2023 परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कार्य को पूरा कर लिया गया हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 16 से 20 दिसंबर तक दो पलियों में पूरा किया जाना था। दरअसल आयोग ने परीक्षा में 2,231 हजार सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। जिनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 16 दिसंबर से शुरु किया गया था। जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता ने बताया कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 2231 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। जिसमें 2229 अभ्यर्थी शामिल हुये हैं। जो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, उनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 26 और 27 दिसंबर को पूरी कर ली गयी हैं। इसके साथ ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जांच के कार्य को अब बंद कर दिया गया हैं। झारखंड हाईकोर्ट का फैसले आने के बाद फाइनल रिजल्ट को जारी कर दिया जायेगा।
दरअसल झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी सीजीएल 2023 परीक्षा के मामले पर सुनवाई चल रही हैं। जहां हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल के परीणामों को प्रकाशित करने पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी हैं। सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर प्रकाश कुमार समेत अन्य याचिकाकर्ताओं ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जहां इस मामले पर 17 दिसंबर को चीफ जस्टीस एमएस रामाचंद्र राव और जस्टीस दीपक रोशन की बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने के बाद फिलहाल हाईकोर्ट ने परीक्षा के फाइनल रिजल्ट पर रोक लगाने का फैसला सुनाया हैं।
वहीं, सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले पर दर्ज शिकायतों के मद्देनजर परीक्षा संचालन अधिनियम 2023 के तहत पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने को कहा था। और जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। जिसके बाद अब इस मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 22 जनवरी 2025 को मुकर्रर की गयी हैं। हालांकि अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन पर कोर्ट ने किसी तरह की टिप्पणी नहीं की थी। अब इस मामले में 22 जनवरी की सुनवाई के बाद ही स्थिती स्पष्ट हो सकेगा फाइल रिजल्ट निकालना हैं या रोक बरकरार रहेगी।
बता दें कि विभिन्न विभागों में 2025 पदों पर नियुक्ति की जानी हैं। जिसमें सहायक प्रशाखा पदाधिकारी 863, कनीय सचिवालय सहायक 335, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी 182, प्लानिंग असिस्टेंट पांच, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी 195, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी 252, अंचल निरीक्षक 185 और कनीय सचिवालय सहायक के आठ बैकलॉग पद भी शामिल हैं। वहीं, छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर राज्य सरकार ने पेपर लीक मामले की जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा हैं। जहां सीआईडी के आईजी सुदर्शन मंडल के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी गयी हैं। वहीं, इस दौरान सीआईडी की टीम ने रातू थाना में दर्ज एक केस को टेक ओवर कर लिया हैं। और इस पर जांच की जा रही हैं।