एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम बुधवार की सुबह राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रजक के ठिकानों पर छापामारी करने पहुंची। इस दौरान कर्मचारी के रांची, गुमला और औरंगाबाद समेत अन्य ठिकानों पर एसीबी की टीम ने एक साथ दबिश दी हैं। इसी क्रम में रांची के मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल के आनया पैलेस में आहले सुबह ही एसीबी के अधिकारी तीन गाड़ियों से राजेश कुमार के घर पहुंचे। जिसके बाद किसी को आने-जाने नहीं दिया जा रहा था। फिलहाल नामकुम अंचल में राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रजक कार्यरत हैं। इसके साथ ही उनके ऑफिस (नामकुम) में भी छापामारी की गयी हैं।
वहीं, सर्च ऑपरेशन के दौरान एसीबी ने कर्मचारी के घर से कुछ दस्तावेज बरामद किये हैं। जहां दोपहर बाद मोराबादी स्थित फ्लैट में छापामारी खत्म हो गयी। जिसके बाद एसीबी टीम में शामिल अधिकारी वापस लौट गये हैं। हालांकि इस दौरान एसीबी के अधिकारी कुछ भी सूचना साझा करने से बचते रहे। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला कर्मचारी राजेश कुमार रजक और सदर सीओ मुंशी राम के करीबी रिश्ते से जुड़ा हुआ हैं।
ज्ञात हो कि रांची के सदर सीओ मुंशी राम को एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। सीओ ने रांची के रहने वाले एक व्यक्ति से उसकी जमीन की मापी को लेकर 37 हजार की रिश्वत मांगे थे। जिसकी शिकायत पीड़ित ने एसीबी से की। इसके मद्देनजर तीन जनवरी को रांची के कचहरी स्थित मुंशी राम के कार्यालय में छापेमारी हुई थी। जहां से 37 हजार की रिश्वत लेते उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने सदर सीओ मुंशी राम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जहां एसीबी को कई अहम जानकारियां मिली। ठीक उसके कुछ दिनों बाद ही नामकुम अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार रजक के ठिकानों पर दबिश को इस मामले से जोड़ कर देखा जा रहा हैं। हांलाकि अधिकारिक तौर पर इस मामले में अबतक स्थिती स्पष्ट नहीं की गयी हैं। अधिकारिक बयान आने के बाद ही स्थिती स्पष्ट हो सकेगे कि आखिर एसीबी ने क्यों छापेमारी और इस दौरान क्या-क्या दस्तावेज बरामद किये हैं।