अब एक साथ होगी सुनवाई अवैध पेड़ कटाई और वायु प्रदूषण मामला
झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में धनबाद में अवैध पेड़ कटाई के खिलाफ ग्रामीण एकता मंच की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। खंडपीठ ने धनबाद में वायु प्रदूषण से संबंधित जनहित याचिका को इसके साथ संलग्न करते हुए दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ छह सितंबर को करने का निर्देश दिया। दरअसल, ग्रामीण एकता मंच की ओर से सबसे पहले वर्ष 2008 में धनबाद में अवैध पेड़ कटाई को लेकर ग्रामीण एकता मंच की ओर से एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें हाईकोर्ट ने धनबाद में पौधारोपण करने, बीसीसीएल को पेड़ पौधों को संरक्षित रखने सहित कई दिशा -निर्देश दिए थे। साथ ही मामले को वर्ष 2012 में यह कहते हुए निष्पादित कर दिया था कि अगर भविष्य में प्रार्थी को लगता है कि धनबाद में अवैध पेड़ कटाई जारी है कि वह फिर से जनहित याचिका दाखिल कर सकता है। कोर्ट के इस आदेश के आलोक में ग्रामीण एकता मंच द्वारा 11 साल बाद फिर से धनबाद में अवैध पेड़ कटाई को रोकने को लेकर जनहित याचिका दाखिल की है। इसकी सुनवाई गुरुवार को हुई। इस दौरान प्रार्थी की ओर से बताया गया कि धनबाद में वायु प्रदूषण की विकट स्थिति को नियंत्रित करने को लेकर ग्रामीण एकता मंच, धनबाद की ओर से एक और जनहित याचिका दायर की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सौमित्र बारोई ने पैरवी की।
याचिका में क्या है :
याचिका में कहा गया है कि धनबाद के माइनिंग इलाकों में अवैध रूप से पेड़ काटे काटे जा रहे हैं । धनबाद में सघन वन नहीं है ।ऐसे में अवैध रूप से पेड़ कटाई से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा और पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा।