एक अपराधी ने अपने साथी को ही ठोक डाला। जिसके बाद मौजूद लोगों ने गोली मारने वाले अपराधी इनामुल अंसारी उर्फ मंगरा को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। अब इनामुल अंसारी से पूछताछ की जा रही हैं। वहीं, पुलिस ने घटना स्थल से दो पिस्टल भी बरामद किये हैं। दरअसल यह पूरी वारदात मंगलवार को घटी हैं। जहां लोहरदगा के कुड़ू बस स्टैंड में अपराधी इनामुल अंसारी उर्फ मंगरा ने अपने ही साथी सुभाष जायसवाल उर्फ छोटू को गोली मार दी। घायल सुभाष जायसवाल उर्फ छोटू दागी किस्म का युवक हैं। रांची के पंडरा ओपी में हुये लूटकांड में उसका नाम सामने आया था। जहां रांची पुलिस सुभाष जायसवाल को गिरफ्तार करने के लिए खोज कर रही थी।
वहीं, दिनदहाड़े गोली चलने की घटना से बस स्टैंड में सनसनी फैल गयी। इस दौरान लोगों ने हिम्मत कर एक अपराधी को पकड़ लिया। जिसकी पहचान कुडू ब्लॉक मैदान का रहने वाला इनामुल अंसारी उर्फ मंगरा के तौर पर हुई हैं। वहीं, जिस अपराधी को गोली लगी है उसकी पहचान सुभाष जायसवाल के रुप में हुआ हैं।
दरअसल इनामुल अंसारी और सुभाष जायसवाल दोनों बाइक से आज कुडू बस स्टैंड पहुंचे थे। जहां दोनों की मंशा संतु पासवान नामक बस एजेंट की हत्या करने की थी। संतु पासवान रोज की तरह बस स्टैंड में एजेंटी का काम करने के लिए खड़ा था। दरअसल कुड़ू के पूर्व पंचायत समिति सदस्य संतोष मांझी उर्फ मंगलू की कुड़ू बाजारटांड में हत्या कर दी गयी थी। घटना में शामिल सभी अपराधी जमानत लेकर बाहर हैं। वहीं, लोहरदगा न्यायालय में अपराधियों का ट्रायल चल रहा हैं। जहां संतोष हत्याकांड के गवाह मृतक संतोष मांझी का भाई संतु पासवान की गवाही होने वाली हैं। जिसको देखते ही बस स्टैंड में बिना कुछ सोचे समझे अपराधी सुभाष जायसवाल ने संतु पासवान पर फायरिंग कर दी। लेकिन संतु पासवान किस्मत से इस फायरिंग में बल -बल बच गया। इस दौरान लोगों ने फायरिंग करने वाले अपराधी सुभाष जायसवाल को धर दबोचा। इस दौरान अपराधी इनामुल अंसारी ने अपने ही साथी यानी सुभाष जायसवाल को गोली मार दी।
जिसके बाद लोगों ने सुभाष पर गोली चलाने के आरोपी इनामुल अंसारी उर्फ मंगरा को पकड़ लिया। और जमकर उसकी पिटाई कर दी। जहां पकड़े गये अपराधी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। वहीं, गिरफ्तार इनामुल अपराधी चरित्र का शख्स हैं। पूर्व में उसने अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया था। जिसके वजह से इस मामले में वह जेल भी जा चुका हैं। हांलाकि सुभाष जायसवाल की अस्पताल ले जाया गया हैं। जहां उसकी स्थिती गंभीर बनी हुई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनामुल अंसारी को डर था कि सुभाष जायसवाल के पकड़ा जाने के बाद वह पुलिस को सबकुछ बता देता। अपनी पहचान छुपाने की नियत से उसने सुभाष को गोली मारी थी। इससे पहले वह बस स्टैंड भाग पाता भीड़ ने उसे धर दबोचा।